हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम अस्वीकृत होने के 9 प्रमुख कारण और उनसे बचने के उपाय

TLDR सारांश

  • क्लेम करने से पहले अपनी पॉलिसी की शर्तें, इन्क्लूज़न, एक्सक्लूज़न और प्रतीक्षा अवधि पढ़ें.
  • अपनी पॉलिसी खरीदते या रिन्यू करते समय संबंधित मेडिकल स्थितियों को सटीक रूप से प्रकट करें.
  • हॉस्पिटल के बिल, डिस्चार्ज समरी, प्रिस्क्रिप्शन, डायग्नोस्टिक रिपोर्ट और अन्य क्लेम डॉक्यूमेंट को सुरक्षित रखें.
  • क्लेम फॉर्म और सहायक डॉक्यूमेंट के बारे में सटीक और निरंतर जानकारी प्रदान करें.
  • पॉलिसी के तहत आवश्यक होने पर, प्लान किए गए या इमरजेंसी हॉस्पिटलाइज़ेशन के बारे में इंश्योरर कंपनी को सूचित करें.
  • चेक करें कि आपकी पॉलिसी के तहत इलाज, हॉस्पिटल और खर्च कवर किए जाते हैं या नहीं.
  • अगर इंश्योरर अतिरिक्त डॉक्यूमेंट या स्पष्टीकरण मांगता है, तो तुरंत जवाब दें.
  • अगर आपका क्लेम रिजेक्ट कर दिया जाता है, तो रिजेक्शन से जुड़ी जानकारी और उसमें बताई गई पॉलिसी की निर्दिष्ट शर्तों को रिव्यू करें.
  • अगर आप निर्णय से असहमत हैं, तो आप इंश्योरर की शिकायत निवारण प्रक्रिया का उपयोग कर सकते हैं और, जहां लागू हो, निर्धारित चैनलों के माध्यम से मामले को आगे बढ़ा सकते हैं.

हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी हॉस्पिटलाइज़ेशन और मेडिकल ट्रीटमेंट के फाइनेंशियल प्रभाव को मैनेज करने में मदद कर सकती है. हालांकि, क्लेम सबमिट करने का मतलब यह नहीं है कि हर खर्च देय होगा. इंश्योरर पॉलिसी के नियम और शर्तों, कवरेज, एक्सक्लूज़न, प्रतीक्षा अवधि, डॉक्यूमेंटेशन और अन्य लागू आवश्यकताओं के आधार पर क्लेम का आकलन करता है.

हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्शन तब हो सकता है जब क्लेम पॉलिसी की शर्तों को पूरा नहीं करता है या जब आवश्यक जानकारी अधूरी हो या असंगत हो. सामान्य हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्शन के कारणों को समझने से आपको अपना क्लेम सही तरीके से सबमिट करने और देरी या विवादों को कम करने में मदद मिल सकती है.

1) गलत जानकारी या गलतबयानी

हेल्थ इंश्योरेंस एप्लीकेशन फॉर्म भरते समय इस बात का ध्यान रखें कि आपकी दी हुई हर जानकारी एकदम सही हो. किसी भी जानकारी को जानबूझकर या अनजाने में गलत तरीके से पेश नहीं किया जाना चाहिए; अन्यथा, इसके परिणामस्वरूप आपका क्लेम रिजेक्ट हो सकता है. इस जानकारी में ये बातें शामिल हो सकती हैं:

  1. आयु,
  2. इनकम,
  3. मौजूदा मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसी,
  4. पेशा (विशेष रूप से अगर आप खतरनाक व्यवसाय में हैं),
  5. शौक (विशेष रूप से अगर आप हाइकिंग या स्कूबा डाइविंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स में हैं) आदि.

उपरोक्त सभी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां है जिससे वे यह निर्णय ले सकती हैं कि उन्हें हेल्थ इंश्योरेंस एप्लीकेशन को स्वीकार करना चाहिए या नहीं और किस प्रीमियम पर स्वीकार करना चाहिए.

आपको अपने एजेंट या किसी अन्य को एप्लीकेशन फॉर्म भरने के लिए कहने के बजाय इसे स्‍वयं भरना चाहिए. हो सकता है कि फ़ॉर्म को सही ढंग से भरने के लिए उनके पास आपके बारे में सभी आवश्यक जानकारी न हो.

2) पहले से मौजूद बीमारियों और खराब आदतों के बारे में जानकारी

अपनी पहले से मौजूद बीमारियों, बीमारियों की फैमिली हिस्ट्री, बैडेंटरी लाइफस्टाइल, धूम्रपान, शराब पीने आदि जैसी आदतों के बारे में जानकारी न देने से हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम अस्वीकार हो सकते हैं. कुछ लोग अधिक प्रीमियम भुगतान करने और पॉलिसी अस्वीकार होने से बचने के लिए इस जानकारी को छिपा सकते हैं.

हेल्थ इंश्योरेंस एप्लीकेशन फॉर्म भरते समय, आपको पहले से मौजूद बीमारियां की जानकारी देनी होगी, जिससे आप पीड़ित हो सकते हैं. अगर आपके परिवार में कोई बीमारी चली आ रही है, तो आपको इसका उल्लेख फैमिली हिस्ट्री या मेडिकल हिस्ट्री सेक्शन में करना चाहिए.

अगर आप धूम्रपान करते हैं, तो इंश्योरेंस कंपनी पूछ सकती है कि आप प्रतिदिन कितनी सिगरेट पीते हैं. अगर आप शराब का सेवन करते हैं, तो आपको शराब लेने की मात्रा और फ्रीक्वेंसी की जानकारी देनी पड़ सकती है.

उपरोक्त सभी जानकारी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को जोखिम की उचित कीमत निर्धारित करने में मदद करती है. अगर आवश्यक हो, तो इंश्योरेंस कंपनी पहले से मौजूद किसी विशिष्ट बीमारी के कवरेज के लिए एक्सक्लूज़न या उपयुक्त प्रतीक्षा अवधि शामिल कर सकती है.

3) प्रतीक्षा अवधि के दौरान क्लेम करना

हर हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में कुछ प्रतीक्षा अवधि हो सकती है. अगर इस प्रतीक्षा अवधि के दौरान क्लेम किया जाता है, तो इसे अस्वीकार कर दिया जाएगा. इनमें से कुछ प्रतीक्षा अवधि इस प्रकार हैं:

a) 30-दिन की प्रतीक्षा अवधि

जब कोई नई पॉलिसी जारी की जाती है, तो उसमें 30-दिन की प्रतीक्षा अवधि होती है, जिसके दौरान कोई क्लेम नहीं किया जा सकता है. इसमें अपवाद दुर्घटना से उत्पन्न होने वाला कोई भी क्लेम है.

b) मैटरनिटी की प्रतीक्षा अवधि

अगर पॉलिसी मैटरनिटी कवर प्रदान करती है, तो यह आमतौर पर 24 से 36 महीनों की प्रतीक्षा अवधि के बाद लागू होता है. साथ ही, यह कवर 2 प्रेगनेंसी तक ही सीमित हो सकता है.

c) निर्दिष्ट बीमारियों/ प्रोसीज़र के लिए प्रतीक्षा अवधि

निर्दिष्ट बीमारियों/प्रोसीज़र के लिए ट्रीटमेंट का क्‍लेम पॉलिसी की शुरुआत से 24-महीने की प्रतीक्षा अवधि के बाद किया जा सकता है. इन बीमा‍रियों में मोतियाबिंद, वेरिकोज वेन, पाइल्स, साइनसाइटिस आदि शामिल हैं. इन बीमारियों/प्रोसीज़र की पूरी लिस्ट इंश्योरेंस पॉलिसी डॉक्यूमेंट में निर्दिष्ट की गई है.

d) पहले से मौजूद बीमारियों के लिए प्रतीक्षा अवधि

पहले से मौजूद बीमारियों के ट्रीटमेंट के लिए क्लेम का लाभ, कवरेज शुरू होने की तारीख से 24 से 48 महीनों की प्रतीक्षा अवधि के बाद लिया जा सकता है.

e) क्रिटिकल इलनेस की प्रतीक्षा अवधि

किसी भी क्रिटिकल इलनेस के ट्रीटमेंट के लिए क्लेम, पॉलिसी शुरू होने की तारीख से 90 दिनों की प्रतीक्षा अवधि के बाद कवर किया जा सकता है.

कृपया उपरोक्त सभी प्रतीक्षा अवधियों के विवरण के लिए पॉलिसी नियमावली पढ़ें, ताकि आप यह समझ सकें अस्वीकृति से बचने के लिए कब और कैसे क्लेम करें.

4) नॉन-नेटवर्क हॉस्पिटल में कैशलेस क्लेम करना

अगर कैशलेस क्लेम किसी ऐसे हॉस्पिटल में किया जाता है जो इंश्योरेंस कंपनी के हॉस्पिटल नेटवर्क का हिस्सा नहीं है, तो इसे अस्वीकार कर दिया जाएगा. इसलिए, अगर आप कैशलेस क्लेम करना चाहते हैं, तो हॉस्पिटल में भर्ती होने से पहले चेक करें कि यह नेटवर्क हॉस्पिटल के रूप में इंश्योरेंस कंपनी के साथ सूचीबद्ध है या नहीं.

नॉन-नेटवर्क हॉस्पिटल में इलाज के लिए आपको हॉस्पिटल में भर्ती होने के बिल का भुगतान अपने पास से करना होगा. बाद में, आप हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी के पास रीइम्बर्समेंट क्लेम जमा कर सकते हैं.

5) उन सेवाओं के लिए क्लेम करना जो कवर नहीं की गई हैं

प्रत्येक हेल्थ इंश्योरेंस प्लान के तहत कुछ सेवाएं कवर नहीं की जाती हैं. में, उन्हें कुछ पॉलिसी में कुछ सीमाओं या अन्य नियमों और शर्तों के साथ शामिल किया जा सकता है. अगर आप इनमें से किसी भी सर्विस के लिए क्लेम करते हैं, जिसे कवर नहीं किया जाता है, तो हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी क्लेम को अस्वीकार कर देगी. इनमें कुछ निम्‍न सेवाएं शामिल हो सकती हैं:

  1. डेंटल ट्रीटमेंट
  2. आयुष उपचार
  3. आउटपेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) सेवाएं
  4. मैटरनिटी क्लेम

अगर आप उपरोक्त में से किसी के लिए क्लेम करना चाहते हैं, तो यह जांचने के लिए कि वे कवर किए गए हैं या नहीं, अपने पॉलिसी डॉक्यूमेंट को पढ़ें. अगर उन्हें कवर किया जाता है, तो वे किस सीमा तक कवर किए जाते हैं और उनसे संबंधित नियम व शर्तें जानें.

6) निषेध

कुछ उपचार/प्रोसीज़र को सभी इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा मानक एक्सक्लूज़न(बहिष्करण) माना जा सकता है. इसका मतलब है कि अधिकांश प्लान उन्हें कवर नहीं करेंगे. निम्‍न में से कुछ इसमें शामिल हो सकते हैं:

  1. कॉस्मेटिक या प्लास्टिक सर्जरी
  2. लिंग में बदलाव से संबंधित ट्रीटमेंट
  3. रॉक क्लाइम्बिंग, मोटर रेसिंग, घुड़दौड़, स्कूबा डाइविंग, ग्लाइडिंग आदि जैसे खतरनाक या एडवेंचर स्‍पोर्ट्स में भाग लेने के कारण ट्रीटमेंट.
  4. किसी व्यक्ति द्वारा आपराधिक उद्देश्य के साथ कानून का उल्लंघन करने या करने का प्रयास करने के कारण होने वाला ट्रीटमेंट
  5. शराब, नशीली दवा के सेवन या किसी भी प्रकार के व्यसन के लिए ट्रीटमेंट
  6. स्टेरिलिटी और फर्टिलिटी आदि से संबंधित खर्च.

अधिकांश हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में शामिल कुछ एक्सक्लूज़न इस प्रकार हैं. अपनी पॉलिसी के लिए विशेष एक्सक्लूज़न के लिए, पॉलिसी नियमावली (एक्सक्लूज़न सेक्शन) चेक करें

7) लैप्स (निष्क्रिय) पॉलिसी के तहत क्लेम

कोई भी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी एक विशिष्ट अवधि यानी एक वर्ष या ऐसे कई वर्षों के लिए मान्य होती है, जिसके लिए प्रीमियम का भुगतान किया गया है. वह निर्दिष्ट अवधि समाप्त हो जाने के बाद, रिन्यूअल प्रीमियम का भुगतान करके पॉलिसी को रिन्यू करना होगा.

अगर आप निर्दिष्ट समय के भीतर रिन्यूअल प्रीमियम का भुगतान नहीं करते हैं, तो पॉलिसी समाप्त हो जाएगी. अगर आप किसी लैप्स पॉलिसी के तहत क्लेम करते हैं, तो इंश्योरेंस कंपनी क्लेम को अस्वीकार कर देगी. इसलिए, अपनी पॉलिसी की समाप्ति तिथि चेक करें और पॉलिसी को ऐक्टिव रखने के लिए समय पर रिन्यूअल प्रीमियम का भुगतान करें. रिन्यूअल प्रीमियम का भुगतान करने के लिए आपको अपनी पॉलिसी के लिए ऑटो-डेबिट मैंडेट सेट करने की सलाह दी जाती है.

8) जब क्लेम राशि सम अश्योर्ड से अधिक हो

प्रत्येक हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में एक निश्‍चि‍त सम इंश्योर्ड होता है. अगर क्लेम की राशि बाकी बचे सम इंश्योर्ड से अधिक हो (अगर आपने उसी वर्ष में पहले भी क्लेम किए हैं) तो क्या होगा? इंश्योरेंस कंपनी पॉलिसी के नियम और शर्तों के अधीन बचे हुए सम इंश्योर्ड तक के क्लेम को अप्रूव करेगी.

हर साल बढ़ते मेडिकल इन्फ्लेशन या महंगाई को देखते हुए, आपको हर कुछ वर्षों में अपनी हेल्थ इंश्योरेंस कवर राशि को रिव्यू करना चाहिए. मेडिकल इन्फ्लेशन के साथ अपना तालमेल बनाए रखने के लिए अधिक कवर राशि वाली पॉलिसी खरीदें/अपग्रेड करें.

9) इंश्योरेंस कंपनी को समय पर सूचना न देना

अगर आप निर्धारित समय के भीतर हॉस्पिटल में भर्ती होने की सूचना इंश्योरेंस कंपनी को नहीं देते हैं, तो इंश्योरेंस कंपनी आपके कैशलेस ट्रीटमेंट के क्लेम को अस्वीकार कर सकती है. अगर आप प्लान करके हॉस्पिटल में भर्ती होते हैं, तो आपको हॉस्पिटल में भर्ती होने से पहले ऑथराइज़ेशन मिल सकता है. अगर किसी एक्सीडेंट या अन्य कारण से इमरजेंसी में हॉस्पिटल में भर्ती किया जाता है, तो पॉलिसी की शर्तों के अनुसार, हॉस्पिटल में भर्ती होने के 24 से 48 घंटों के भीतर इंश्योरेंस कंपनी को सूचित करें.

अस्वीकृत हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम के लिए अपील करने के चरण

अगर आपका मेडिकल इंश्योरेंस क्लेम अस्वीकार कर दिया जाता है, तो तुरंत यह न मान लें कि अब आगे कुछ कार्रवाई नहीं की जा सकती. सबसे पहले क्लेम रिजेक्ट होने के बारे में मिली जानकारी को रिव्यू करें.

IRDAI के दिशानिर्देशों के तहत, जब किसी क्लेम को खारिज या अस्वीकार किया जाता है, तो इंश्योरर को इसके कारण के बारे में सूचित करना चाहिए और पॉलिसी की संबंधित शर्त का उल्लेख करना चाहिए, साथ ही उपलब्ध शिकायत निवारण तंत्रों के बारे में जानकारी भी देनी चाहिए.

इन चरणों का पालन करें:

  1. रिजेक्शन कम्युनिकेशन पढ़ें: निर्णय के लिए दिए गए सटीक कारण की पहचान करें.
  2. अपनी पॉलिसी नियमावली को रिव्यू करें: संबंधित कवरेज, एक्सक्लूज़न, प्रतीक्षा अवधि या अन्य स्थिति चेक करें.
  3. सहायक डॉक्यूमेंट्स इकट्ठा करें: मामले से संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड, बिल, प्रिस्क्रिप्शन, रिपोर्ट और अन्य डॉक्यूमेंट्स इकट्ठा करें.
  4. विसंगतियों को स्पष्ट करें: अगर गलत या अधूरी जानकारी के कारण समस्या होती है, तो आवश्यक स्पष्टीकरण या डॉक्यूमेंट प्रदान करें.
  5. अपनी बात रखें या शिकायत दर्ज करें: इंश्योरर द्वारा निर्धारित की गई प्रक्रिया का पालन करें और अपनी बातचीत की प्राप्ति सूचना को संभालकर रखें.
  6. अगर आवश्यक हो तो मामला आगे बढ़ाएं: अगर मामले का समाधान नहीं मिलता है, तो आप उपयुक्त शिकायत निवारण तंत्र से संपर्क कर सकते हैं.

अपील पत्रों का उदाहरण

आप रिजेक्शन कम्युनिकेशन में बताए गए विशिष्ट कारण के बारे में अपील या रिप्रेजेंटेशन बना सकते हैं.

विषय: हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम पर पुनर्विचार करने का अनुरोध

प्रिय सर/मैडम,

मैं अपने हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम, क्लेम नंबर [Claim Number] पर पुनर्विचार करने का अनुरोध करने के लिए लिख रहा/रही हूं, जिसे [reason for rejection] बताते हुए रिजेक्ट कर दिया गया था.

मैंने पॉलिसी की शर्तों और अपने क्लेम के साथ जमा किए गए डॉक्यूमेंट्स को रिव्यू कर लिया है. आपके रिव्यू के लिए [list documents] के साथ-साथ संबंधित सहायक डॉक्यूमेंट्स भी साथ में लगाए गए हैं.

मैं आपसे अनुरोध करता/करती हूं कि आप प्रदान की गई जानकारी और डॉक्यूमेंट के आधार पर क्लेम पर दोबारा विचार करें. कृपया मामले की समीक्षा करें और लागू पॉलिसी की शर्तों के साथ परिणाम की सूचना दें.

भवदीय,
[Policyholder Name]
[Policy Number]
[Contact Details]

आपका क्लेम अस्वीकार होने के बाद अगले चरण

एक अस्वीकृति का मतलब यह नहीं कि प्रक्रिया समाप्त हो गई है. सबसे पहले, यह समझें कि यह निर्णय जानकारी की कमी, पॉलिसी एक्सक्लूज़न, प्रतीक्षा अवधि, लिमिट समाप्त होने या किसी अन्य शर्त से संबंधित है या नहीं.

अगर अतिरिक्त जानकारी समस्या का समाधान कर सकती है, तो उपयुक्त चैनल के माध्यम से आवश्यक डॉक्यूमेंट या स्पष्टीकरण सबमिट करें. अपने रिकॉर्ड के लिए अपने क्लेम फॉर्म, मेडिकल रिकॉर्ड, पत्राचार और स्वीकृति की कॉपी रखें.

अगर आप इस निर्णय से असहमत हैं, तो आप अपने इंश्योरर द्वारा निर्धारित शिकायत निवारण तंत्र के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं. अगर लागू समय-सीमा के भीतर शिकायत का समाधान नहीं किया जाता है या प्रतिक्रिया असंतोषजनक है, तो आप IRDAI के बीमा भरोसा तंत्र से और जहां लागू हो, इंश्योरेंस ओम्बड्समैन से संपर्क कर सकते हैं. IRDAI का कहना है कि इंश्योरर को शिकायत प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर शिकायतों का समाधान करना चाहिए, जबकि बीमा भरोसा शिकायतों को रजिस्टर करने और उन्हें ट्रैक करने के लिए एक तरीका प्रदान करता है.

लेने के तुरंत कदम

जब आपको अस्वीकृति प्राप्त होती है, तो अपनी प्रतिक्रिया में देरी करने से बचें. इन चरणों से शुरू करें:

  • क्लेम नंबर और अस्वीकृति की तिथि नोट करें.
  • बताए गए कारण को ध्यान से पढ़ें.
  • अपनी पॉलिसी नियमावली का संबंधित सेक्शन चेक करें.
  • किसी भी गुम हुए डॉक्यूमेंट या जानकारी की पहचान करें.
  • सहायक मेडिकल और बिलिंग रिकॉर्ड इकट्ठा करें.
  • उपयुक्त चैनल के माध्यम से अपना स्पष्टीकरण या प्रतिनिधित्व सबमिट करें.
  • सभी पत्राचार की स्वीकृति और कॉपी रखें.
  • लागू समय-सीमा के भीतर फॉलो-अप.

मणिपाल सिग्ना क्लेम डॉक्यूमेंट सबमिट करने, शॉर्टफॉल डॉक्यूमेंट अपलोड करने और कैशलेस या रीइम्बर्समेंट क्लेम स्टेटस को ट्रैक करने के लिए ऑनलाइन सुविधाएं भी प्रदान करता है.

अस्वीकृति के कारणों को समझें

हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्शन का मतलब होता है कि जमा किए गए क्लेम को लागू मूल्यांकन के आधार पर भुगतान के लिए स्वीकार नहीं किया गया है. हर क्लेम के लिए कारण अलग-अलग हो सकता है.

सामान्य कारणों में प्रतीक्षा अवधि, पहले से मौजूद बीमारियां, नॉन-डिस्क्लोज़र, पॉलिसी एक्सक्लूज़न, अधूरे डॉक्यूमेंटेशन, पॉलिसी लिमिट और अन्य पॉलिसी शर्तें शामिल हैं.

इसलिए, ऐसे क्लेम के अस्वीकार होने के कारणों के बीच अंतर करना महत्वपूर्ण है जिसे इसलिए अस्वीकार किया गया है, क्योंकि ट्रीटमेंट पॉलिसी में कवर नहीं किया जाता है या फिर जिसमें क्लेम का मूल्यांकन करने के लिए इंश्योरर को अतिरिक्त जानकारी की आवश्यकता होती है. अस्वीकृति संबंधी सूचना और लागू पॉलिसी नियमावली पढ़ने से आपको अगले चरण को समझने में मदद मिल सकती है.

निष्कर्ष: हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम अप्रूवल सुनिश्चित करने के लिए रणनीतियां

एक आसान क्लेम अनुभव मेडिकल इमरजेंसी आने से बहुत पहले ही शुरू हो जाता है. अपनी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को समझें, अपनी मेडिकल हिस्ट्री की सही जानकारी दें, अपनी पॉलिसी को ऐक्टिव रखें और महत्वपूर्ण मेडिकल और बिलिंग रिकॉर्ड सुरक्षित रखें.

जब आपको क्लेम करने की आवश्यकता हो, तो लागू सूचना और डॉक्यूमेंटेशन संबंधी आवश्यकताओं का पालन करें और सटीक जानकारी प्रदान करें. मणिपाल सिग्ना की क्लेम प्रक्रिया पॉलिसीधारकों को अपनी ऑनलाइन सुविधाओं के माध्यम से डॉक्यूमेंट्स जमा करने और क्लेम स्टेटस को ट्रैक करने की अनुमति देती है.

अगर आपका क्लेम रिजेक्ट हो जाता है, तो यह मानने के बजाय कि आगे कोई कार्रवाई संभव नहीं है, रिजेक्ट होने के कारण को ध्यान से रिव्यू करें. अगर आपको लगता है कि निर्णय पर दोबारा विचार करने की आवश्यकता है, तो आप संबंधित स्पष्टीकरण या डॉक्यूमेंट्स प्रदान कर सकते हैं और लागू शिकायत निवारण प्रक्रिया का उपयोग कर सकते हैं.

सामान्य प्रश्न

अगर इंश्योरेंस क्लेम को अस्वीकार करता है, तो क्या होगा?

इंश्योरर क्लेम के निर्णय और रिजेक्शन के कारण के बारे में सूचित करता है. बताए गए कारण को अपनी पॉलिसी की शर्तों और सहायक डॉक्यूमेंट्स के आधार पर रिव्यू करें. अगर आपको लगता है कि निर्णय पर दोबारा विचार की आवश्यकता है, तो आप निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से संबंधित स्पष्टीकरण और डॉक्यूमेंट्स सबमिट कर सकते हैं या अपनी बात रख सकते हैं.

अगर मेरा इंश्योरेंस क्लेम अस्वीकार हो जाता है, तो मैं क्या करूं?

अस्वीकृति का कारण समझकर शुरू करें. लागू पॉलिसी की शर्तों को रिव्यू करें, सहायक डॉक्यूमेंट इकट्ठा करें और उपयुक्त होने पर प्रतिनिधित्व या शिकायत सबमिट करें. अगर मामले का समाधान नहीं होता है, तो आप लागू शिकायत निवारण और एस्कलेशन तंत्र का उपयोग कर सकते हैं.

हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां क्लेम को क्यों अस्वीकार करती हैं?

क्लेम इन कारणों से रिजेक्ट हो सकते हैं जैसे कि लागू प्रतीक्षा अवधि, पहले से मौजूद बीमारियां, जानकारी न देना, पॉलिसी एक्सक्लूज़न, अधूरे डॉक्यूमेंटेशन, पॉलिसी के नियमों और शर्तों का उल्लंघन, गलत जानकारी देना, धोखाधड़ी वाले क्लेम, बीमारी की सब-लिमिट या सम इंश्योर्ड समाप्त हो जाना.

किस कारण से याचिका खारिज की जा सकती है?

क्लेम को तब रिजेक्ट किया जा सकता है जब इलाज या खर्च पॉलिसी के तहत कवर न हो, प्रतीक्षा अवधि लागू होती हो, पॉलिसी की शर्तें पूरी न हुई हों, आवश्यक जानकारी न दी गई हो, या जानकारी न देने या गलत जानकारी देने जैसी समस्याएं हों. सटीक कारण पॉलिसी और क्लेम की परिस्थितियों पर निर्भर करता है.

क्या 3 वर्षों के बाद क्लेम अस्वीकार किया जा सकता है?

हां, तीन वर्ष पूरे होने का मतलब अपने आप में यह नहीं है कि प्रत्येक हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम को स्वीकार किया जाए. वर्तमान IRDAI फ्रेमवर्क के तहत, मोराटोरियम अवधि लगातार 60 महीनों के कवरेज की होती है. इस अवधि के पूरा होने के बाद, लागू नियामक प्रावधानों के अधीन, धोखाधड़ी साबित होने के मामलों को छोड़कर, आमतौर पर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी और क्लेम को जानकारी न देने या गलत जानकारी देने के आधार पर चुनौती नहीं दी जा सकती है. अन्य पॉलिसी शर्तें, एक्सक्लूज़न, लिमिट और कवरेज आवश्यकताएं लागू रहेंगी.

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