क्रिटिकल इलनेस हेल्थ इंश्योरेंस प्लान के फायदे और नुकसान क्या हैं

आजकल हमारी जीवनशैली में सक्रियता घटती जा रही है, जो कि मौजूदा समय में गंभीर बीमारियों की संख्या में लगातार वृद्धि दिखाने वाले आंकड़ों में स्पष्ट दिखाई देता है. हम सभी जानते हैं कि इन बीमारियों के इलाज में काफी खर्च होता है. इसलिए, अपने और/या अपने परिवार के सदस्यों के लिए एक क्रिटिकल इलनेस प्लान लेना आवश्यक है, विशेष रूप से तब, जब मेडिकल खर्च आसमान छू रहे हों.

जीवन अप्रत्याशित होता है, और ऐसी स्थिति भी आ सकती है जब आपके परिवार को आपके द्वारा की गई बचत की तुलना में अधिक फाइनेंशियल सहायता की आवश्यकता पड़ सकती है. क्रिटिकल इलनेस कवर कम से कम फाइनेंशियल रूप से ऐसे मुश्किल समय से निपटना आसान बना देता है. जब आपको सबसे अधिक आवश्यकता होती है, तो हेल्थ इंश्योरेंस निश्चित रूप से एक भरोसेमंद फाइनेंशियल सहायता के रूप में काम करता है.

इसे खरीदने पर विचार करने से पहले, आइए एक सामान्य क्रिटिकल इलनेस हेल्थ इंश्योरेंस प्लान के फायदों और नुकसान के बारे में जान लें.

क्रिटिकल इलनेस हेल्थ इंश्योरेंस प्लान क्या है?

'क्रिटिकल इलनेस हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी' 'हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी' का पर्याय हैं. जहां, हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कुछ विशिष्ट एक्सक्लूज़न के साथ सामान्य मेडिकल ज़रूरतों को कवर करती है, वहीं, क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस पॉलिसी केवल गंभीर बीमारियों और सर्जिकल प्रोसीज़र की एक तय लिस्ट को ही कवर करती है.

क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी के फायदे और नुकसान के बारे में जानने से पहले, आपको इससे जुड़े कुछ अनोखे सुझावों को जानना चाहिए. कुछ सुझाव नीचे दिए गए हैं:

  1. कवर की गई गंभीर बीमारियों की लिस्ट: पॉलिसी के तहत कवर की जाने वाली गंभीर बीमारियों की निर्धारित लिस्ट.
  2. क्लेम फाइल करने की प्रक्रिया: क्लेम कैसे फाइल करें और क्लेम भुगतान के विकल्प. क्रिटिकल इलनेस कवर के तहत एकमुश्त भुगतान, या चरणबद्ध भुगतान का विकल्प, या दोनों ही उपलब्ध हो सकते हैं.
  3. रिन्यूअल के लाभ: वे लाभ जो पॉलिसी के रिन्यूअल पर आपको उपलब्ध कराए जाते हैं.
  4. आयु पात्रता: पॉलिसी में प्रवेश करने के लिए पात्र आयु.

यह रेगुलर हेल्थ इंश्योरेंस से किस प्रकार अलग है

क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस स्टैंडर्ड हेल्थ इंश्योरेंस से काफी अलग होता है. जहां रेगुलर प्लान हॉस्पिटलाइज़ेशन के खर्चों को रीइम्बर्स करते हैं, वहीं क्रिटिकल इलनेस प्लान लिस्ट में शामिल किसी बीमारी का पता चलने पर एक निश्चित राशि का भुगतान करते हैं. यह भुगतान इलाज के वास्तविक खर्चों से जुड़ा हुआ नहीं है, और इसका उपयोग लाइफस्टाइल से जुड़े खर्च या आय की भरपाई समेत किसी भी उद्देश्य के लिए किया जा सकता है.

एकमुश्त भुगतान सुविधा के बारे में जानें

क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस की एक खास विशेषता है कि इसमें एकमुश्त भुगतान किया जाता है. किसी कवर की गई बीमारी के पता चलने और पॉलिसी की शर्तों को पूरा करने पर, इंश्योरर पूरे सम इंश्योर्ड का भुगतान एक ही बार में कर देता है. इससे इलाज का खर्च, रिकवरी के दौरान होने वाले खर्च और रिकवरी की अवधि में आय के नुकसान को भी कवर करने में मदद मिलती है.

क्रिटिकल इलनेस प्लान के तहत आमतौर पर कवर की जाने वाली बीमारियां

कैंसर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक कवरेज

ज़्यादातर प्लान कैंसर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेलियर और कोरोनरी आर्टरी बायपास सर्जरी जैसी गंभीर बीमारियों को कवर करते हैं.

किडनी फेलियर, अंग प्रत्यारोपण और अन्य गंभीर बीमारियां

पॉलिसी के आधार पर, अंग प्रत्यारोपण, लकवा और मल्टीपल स्क्लेरोसिस जैसी गंभीर बीमारियां अक्सर शामिल होती हैं.

क्रिटिकल इलनेस हेल्थ इंश्योरेंस प्लान के लाभ

नीचे दिए गए फायदे और नुकसान आपको क्रिटिकल इलनेस प्लान की बेहतर समझ प्रदान करेंगे. आइए उनके बारे में जानें:

फायदे:

क्रिटिकल इलनेस कवर आपको किसी विशेष बीमारियों के लिए होने वाले महंगे मेडिकल खर्चों का भुगतान करने में मदद कर सकते हैं. अगर कोई बीमारी डायग्नोस हो जाती है और पॉलिसी की आवश्यकताओं को पूरा करती है, तो आपको मेडिकल समस्या के इलाज के लिए एकमुश्त या चरणबद्ध भुगतान प्राप्त होता है.

क्रिटिकल इलनेस पॉलिसी विशिष्ट गंभीर बीमारियों को कवर करती है, इसलिए यह अन्य कॉम्प्रिहेंसिव मेडिकल इंश्योरेंस प्लान की तुलना में कम कीमत पर अधिक बड़ा कवर प्रदान करती है.

क्रिटिकल इलनेस भुगतान को इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80D के तहत टैक्स से छूट दी जाती है.

क्रिटिकल इंश्योरेंस पॉलिसी आपको विदेश में इलाज का लाभ उठाने पर भी कवर करती है. इसका मतलब यह है कि अगर आपको आगे के मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए विदेश जाने की आवश्यकता होती है, तो भी पॉलिसी आपकी मदद कर सकती है.

नॉन-मेडिकल खर्चों को कवर करने के लिए एकमुश्त लाभ

इस भुगतान का उपयोग हॉस्पिटल के बिलों के अलावा अन्य खर्चों, जैसे यात्रा, होम केयर या रोज़मर्रा के जीवन-यापन के खर्चों के लिए किया जा सकता है.

रिकवरी के दौरान आय की भरपाई

अगर आप बीमारी के कारण काम नहीं कर पा रहे हैं, तो यह एक फाइनेंशियल सुरक्षा के रूप में काम करता है.

कवरेज राशि के मुकाबले किफायती प्रीमियम

ये प्लान अक्सर कॉम्प्रिहेंसिव प्लान की तुलना में कम प्रीमियम पर अधिक कवरेज प्रदान करते हैं.

सेक्शन 80D के तहत टैक्स लाभ

भुगतान किए गए प्रीमियम टैक्स कटौती के लिए पात्र होते हैं, जिससे आपकी कुल टैक्स योग्य आय कम हो जाती है.

अपने तरीके से भुगतान उपयोग की सुविधा

पारंपरिक इंश्योरेंस के विपरीत, भुगतान के उपयोग पर कोई प्रतिबंध नहीं होता है.

क्रिटिकल इलनेस हेल्थ इंश्योरेंस प्लान के नुकसान

विशिष्ट सूचीबद्ध बीमारियों तक सीमित

कवरेज केवल पॉलिसी में स्पष्ट रूप से उल्लिखित बीमारियों पर ही लागू होता है.

भुगतान से पहले सर्वाइवल पीरियड क्लॉज़

अधिकांश पॉलिसी में भुगतान प्राप्त करने के लिए, इंश्योर्ड व्यक्ति को बीमारी का पता चलने के बाद एक निर्धारित अवधि (जैसे, 30 दिन) तक जीवित रहने की आवश्यकता होती है.

वेटिंग पीरियड और एक्सक्लूज़न

शुरुआती वेटिंग पीरियड और एक्सक्लूज़न के कारण क्लेम की पात्रता में देरी हो सकती है.

नियमित हॉस्पिटलाइज़ेशन के लिए कोई कवरेज नहीं

इन प्लान के तहत नियमित हॉस्पिटलाइज़ेशन और मामूली उपचार कवर नहीं किए जाते हैं.

क्लेम के बाद पॉलिसी समाप्त होने पर एकमुश्त भुगतान

भुगतान हो जाने के बाद, पॉलिसी आमतौर पर समाप्त हो जाती है, जिससे आगे का कवरेज समाप्त हो जाता है.

क्रिटिकल इलनेस प्लान किसे खरीदना चाहिए?

फायदे और नुकसान को अच्‍छी तरह से जान लेने के बाद ही आपको अपने या अपने परिवार के सदस्य के लिए क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस प्लान चुनना चाहिए. क्रिटिकल इलनेस प्लान के डॉक्यूमेंट के नियम और शर्तों को ध्यानपूर्वक पढ़ने के बाद ही इस पर हस्ताक्षर करें. सुनिश्चित करें कि सही कवर प्राप्त करने के लिए आपने अपवादों और एक्सक्लूज़न को ध्यान से पढ़ लिया है. इसके अलावा, ऐसा प्लान चुनें जो न्यूनतम एक्सक्लूज़न के साथ अधिकतम आवश्यकताओं को पूरा करता हो.

क्रिटिकल इलनेस का पारिवारिक इतिहास रखने वाले व्यक्ति

जिन लोगों में जेनेटिक बीमारी होने की संभावनाएं हैं, उन्हें यह कवरेज ज़रूर लेना चाहिए.

स्व-व्यवसायी और वे लोग जिनके पास ग्रुप इंश्योरेंस नहीं है

जिन व्यक्तियों के पास नियोक्ता द्वारा प्रदान किया गया इंश्योरेंस लाभ नहीं होता, उन्हें इससे मिलने वाली फाइनेंशियल सुरक्षा से बहुत लाभ होता है.

ज़्यादा तनाव या उच्च-जोखिम वाले व्यवसाय करने वाले लोग

कठिन या जोखिम पूर्ण नौकरियां करने वाले प्रोफेशनल्‍स को स्वास्थ्य संबंधी अधिक जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है.

क्रिटिकल इलनेस प्लान बनाम रेगुलर हेल्थ इंश्योरेंस: मुख्य अंतर

कवरेज की सीमा

रेगुलर इंश्योरेंस हॉस्पिटलाइज़ेशन के खर्चों को कवर करता है, जबकि क्रिटिकल इलनेस प्लान केवल विशिष्ट बीमारियों को कवर करते हैं.

भुगतान तंत्र

रेगुलर प्लान बिलों को रीइम्बर्स करते हैं; क्रिटिकल इलनेस प्लान एक निश्चित एकमुश्त राशि प्रदान करते हैं.

उपयुक्त उपयोग के मामले

क्रिटिकल इलनेस प्लान आय की सुरक्षा के लिए आदर्श हैं, जबकि रेगुलर प्लान नियमित मेडिकल खर्चों को संभालते हैं.

आपको क्रिटिकल इलनेस प्लान एक स्टैंडअलोन प्लान के तौर पर खरीदना चाहिए या एक राइडर के तौर पर?

स्टैंडअलोन प्लान के लाभ

स्टैंडअलोन प्लान ज़्यादा कवरेज प्रदान करते हैं और अधिक बीमारियों को शा‍मिल करते हैं.

राइडर के रूप में क्रिटिकल इलनेस: फायदे और नुकसान

राइडर किफायती होते हैं, लेकिन स्टैंडअलोन पॉलिसी की तुलना में सीमित कवरेज प्रदान कर सकते हैं.

सही क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस प्लान कैसे चुनें

कवर की गई बीमारियों की लिस्ट चेक करें

सुनिश्चित करें कि प्लान में आपके हेल्थ जोखिमों से संबंधित बीमारियां शामिल हैं.

सम इंश्योर्ड का मूल्यांकन

ऐसा सम इंश्योर्ड चुनें जो इलाज और रिकवरी दोनों के खर्चों को कवर कर सकता हो.

सर्वाइवल क्लॉज़ और वेटिंग पीरियड के बारे में पढ़ें

क्लेम रिजेक्शन से बचने के लिए पॉलिसी की शर्तों को समझें.

निष्कर्ष

मणिपाल सिग्ना आपको लगभग 30 गंभीर बीमारियों से कवर करने के लिए लाइफस्टाइल प्रोटेक्शन क्रिटिकल केयर प्लान प्रदान करता है. जबकि बेसिक प्लान 15 गंभीर बीमारियों के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है, एन्हांस्ड मणिपाल सिग्ना लाइफस्टाइल प्रोटेक्शन क्रिटिकल केयर प्लान 30 विभिन्न गंभीर बीमारियों के लिए कवरेज प्रदान करता है. आपको सूचीबद्ध किसी भी बीमारी के पहले डायग्नोसिस पर अपने सम इंश्योर्ड का पूरा भुगतान प्राप्त होता है.

सामान्य प्रश्न

क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस प्लान के तहत क्या कवर किया जाता है?

यह पॉलिसी में बताई गई कैंसर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और ऑर्गन फेलियर जैसी गंभीर बीमारियों को कवर करता है.

क्या क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस खरीदना सही है?

हां, यह मेडिकल बिलों के अलावा भी, विशेष रूप से आय बंद हो जाने के दौरान फाइनेंशियल सहायता प्रदान करता है.

क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस में सर्वाइवल पीरियड क्या होता है?

यह वह न्यूनतम अवधि है, जिसमें भुगतान का पात्र होने के लिए, इंश्योर्ड व्यक्ति को बीमारी का पता चलने के बाद जीवित रहना आवश्यक है.

क्या रेगुलर हेल्थ इंश्योरेंस और क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस दोनों एक साथ ले सकते हैं?

हां, ये दोनों अलग-अलग प्रकार के मेडिकल और फाइनेंशियल जोखिमों को कवर करके एक-दूसरे के पूरक बनते हैं.

क्रिटिकल इलनेस प्लान में क्या कवर नहीं किया जाता है?

नियमित उपचार, मामूली बीमारियां और पॉलिसी में सूचीबद्ध न होने वाली बीमारियों को कवर नहीं किया जाता है.

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